वैसे तो भारत का नाम कई चीजों में सबसे पहले लिया जाता है, लेकिन आज हम एक ऐसी श्रेणी की बात करेंगे जिसे भारत की शान कहा गया है।

Tractor Manufacturing: भारत को शुरू से ही एक कृषि प्रधान देश की श्रेणी में रखा गया है और हमे पूरीभारत को शुरू से ही एक कृषि प्रधान देश की श्रेणी में रखा गया है और हमे पूरी भारत को शुरू से ही एक कृषि प्रधान देश की श्रेणी में रखा गया है और हमे पूरी दुनिया में अपने द्वारा उगाए अच्छे अनाजों के लिए जाना जाता है। इसी कृषि से जुड़े एक उपकरण के बारे में कुछ नए और रोचक तथ्य निकलकर आ रहे हैं, जो आप सभी को अपने भारतीय होने पर गर्व महसूस कराएंगे। जिस उपकरण की बात हम करने जा रहे हैं, इसे ट्रैक्टर कहते हैं और यही ट्रैक्टर आज के समय खेती के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपकरण बन चुका है। वैसे तो दुनिया के कई देश ट्रैक्टर का निर्माण करते हैं, लेकिन अगर कोई आपसे पूछे की ट्रैक्टर निर्माण के मामले में सबसे उपर कौन से देश का नाम आता है तो, आप क्या कहेंगे। ज्यादा मत सोचिए, अपना भारत ही है, जिसे ट्रैक्टर निर्माण और बिक्री के मामले में बादशाह माना जाता है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दुनिया के 50 फीसदी ट्रैक्टर्स का निर्माण भारत में ही होता है और इसका निर्यात भी किया जाता है, जिससे की अपने यहां रोजगार के साथ-साथ अच्छी कमाई भी होती है। अब आपको देश का नाम तो पता चल गया, लेकिन अगर कोई आपसे कहे की सबसे बड़ी कंपनी का नाम बताइए जो ट्रैक्टर बनाती है। क्या हुआ नही पता?, चलिए हम आपको बता देते हैं। ट्रैक्टर बनाने में सबसे बड़ी महारथ mahindra एंड mahindra को है, ये भारतीय कंपनी अभी भी पूरी तरह से इस मार्केट पर कब्जा करके बैठी हुई है। अगर आप भी अपनी आजीविका किसानी से चलाते हैं तो, आपको ये बात जरूर पता होगी की, महिंद्रा के ट्रैक्टर्स कितने दमदार और बेहतरीन होते हैं। आज भी अधिकत्तर लोगों की पहली पसंद महिंद्रा के ही ट्रैक्टर्स हैं और लोगों का ये भी मानना है की इस भारतीय कंपनी को पछाड़ पाना बेहद ही मुस्किल है।

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आंकड़े: जानकारी के अनुसार पूरी दुनिया में हर साल करीब 20 लाख ट्रैक्टर्स का निर्माण होता है और इसमें भारत की 50 फीसदी के करीब की हिस्सेदारी है ( ये आंकड़े पूरी दुनिया में हुई बिक्री के हैं) लेकिन इन सब में सबसे रोचक बात ये है की सबसे विकसित माने-जाने वाले चीन को इसमें कहीं भी जगह नहीं मिलती है। जानकर ये बताते हैं कि शुरू से ही कृषि पर निर्भर भारत में, इतनी बड़ी संख्या में ट्रैक्टर्स का बनना कोई चौंकाने वाली बात नहीं है। जैसे-जैसे देश में इसकी डिमांड बढ़ती गई, उसे हिसाब से इसका प्रोडक्शन भी बढ़ा और इसी का नतीजा है की आज हमारा देश इस पायदान पर खड़ा है।

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