China-Pakistan: चुनावी सिलसिलों के ही बीच में सभी नेताओं और पार्टियों के एक दूसरे पर आरोप लगाने के सिलसिले भी ज़ारी हैं। अब इसमें से कुछ आरोप गढ़ित हैं तो कुछ सच, कुछ वर्तमान के हैं तो कुछ सादियों पुराने। इन्हीं सब वाद विवादों के बीच में ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भी एक तीर भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की ओर साध दिया है।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और भाजपा सरकार के ऊपर यह आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार ने चीन और पाकिस्तान (China and Pakistan) को एक किया है और यह एक बहुत ही बड़ी गलती है जो भविष्य में भारत के लिए खतरा बन सकती है। राहुल ने कहा कि, “भारत का रणनीतिक लक्ष्य चीन और पाकिस्तान को अलग रखना होना चाहिए था। लेकिन आपने जो किया है वह उन्हें एक साथ लाना है। इस वक्त हम जिसका सामना कर रहे हैं उसे कम मत समझिए।

चीन और पाकिस्तान का मेल भारत के लिए एक गंभीर खतरा है। देश को बाहरी के साथ साथ ही आंतरिक रूप से भी खतरा है। और मुझे यह पसंद नहीं है। यह बात मुझे चिंतित करती है।” राहुल गाँधी ने भाजपा सरकार पर कई अन्य आरोप लगाते हुए यह भी कहा था कि न्यायपालिका, चुनाव आयोग और पेगासस, सभी “राज्यों के संघ की आवाज को नष्ट करने के उपकरण हैं।”

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राहुल के इन सब बयानों और तानों के बाद विदेश मंत्री (External Affairs Minister) भी कैसे चुप रह सकते थे। उनके सभी आरोपों का जवाब देते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर (Dr. S Jaishankar) ने अपने ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने कांग्रेस नेता के आरोपों का विस्तार में जवाब दिया है। उन्होंने लिखा है, “राहुल गांधी ने लोकसभा में आरोप लगाया कि यह वह सरकार है जो पाकिस्तान और चीन को एक साथ ले आई है। संयोग से, इतिहास के कुछ सबक क्रम में हैं: 

– 1963 में, पाकिस्तान ने अवैध रूप से शक्सगाम घाटी (Shaksgam Valley) को चीन को सौंप दिया।

-चीन ने 1970 के दशक में पीओके (PoK) के रास्ते काराकोरम हाईवे (Karakoram Highway) का निर्माण किया था।

– 1970 के दशक से दोनों देशों के बीच घनिष्ठ परमाणु सहयोग भी था।

-2013 में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा शुरू हुआ।

तो, अपने आप से पूछें: क्या तब चीन और पाकिस्तान दूर थे?”

राहुल गाँधी के दिए गए इस बयान पर राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी। राज्य चुनावों से पहले पंजाब के सुजानपुर (Sujanpur) में एक रैली को संबोधित करते हुए, राजनाथ सिंह ने कहा, “राहुल गांधी ने संसद में जो कहा उससे मुझे दुख हुआ। राहुल जी ने संसद में इतिहास को विकृत करने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि हमारी गलत विदेश नीतियों के कारण पाकिस्तान और पाकिस्तान के बीच दोस्ती हुई है।

चीन, क्या वे पहले के इतिहास को नहीं जानते?” केंद्रीय मंत्री (Central Minister) राजनाथ सिंह ने आगे बढ़ते हुए राहुल गांधी को गालवान सीमा (Galwan Border) की स्थिति के बारे में याद दिलाया जहां भारतीय सैनिक प्रतिकूल मौसम की स्थिति के बीच में भी अपनी पूरी जान लगा कर देश की रक्षा कर रहे थे।

पूर्व राजनयिक (Former Diplomat) नटवर सिंह (Natwar Singh), जिन्होंने मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) की यूपीए सरकार (UPA Government) में विदेश मंत्री (Foreign Minister) के रूप में भी काम किया, राहुल गांधी के इस दावे से असहमत थे कि मोदी सरकार की विदेश नीतियों के कारण भारत अलग-थलग है। उन्होंने राहुल गाँधी की इस बात का दृढ़ता से विरोध किया।

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