Congress: हाल ही में विधानसभा चुनावों के पूर्व समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) के विधायकों, नेताओं व मंत्रियों का एक पार्टी को छोड़ कर दूसरी पार्टी में शामिल होने का सिलसिला जोरों शोरों से चल रहा था। इन पार्टियों में यह दल बदली का सिलसिला थोड़ा थमा ही था की अब कांग्रेस (Congress) पार्टी में यह शुरू हो गया है। कांग्रेस के नेता भी अब एक पर एक पार्टी से इस्तीफा देते जा रहे हैं।

आज यानी की 15 फरवरी को कांग्रेस के सीनियर लीडर (Senior Leader) और केंद्र सरकार में मंत्री (Former Union Minister) रह चुके अश्वनी कुमार (Ashwani Kumar) ने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया है। उन्होंने कांग्रेस को इस्तीफा दे दिया है। अश्वनी कुमार ने पार्टी छोड़ने का कारण बताते हुए कहा है कि, “नई कांग्रेस जो बन रही है उसका भविष्य अंधकारमय है।

जब ढांचा खोखला होता है तो आपको इसमें ढलने में दिक्कत होती है। मैं तदनुसार 46 वर्षों के लंबे जुड़ाव के बाद पार्टी छोड़ रहा हूं और हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा परिकल्पित उदार लोकतंत्र के वादे के आधार पर परिवर्तनकारी नेतृत्व के विचार से प्रेरित सार्वजनिक कारणों को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने की उम्मीद करता हूं।”

हालांकि पूर्व केंद्र मंत्री ने अभी इस बात की पुष्टि नहीं की है कि अब वह किस पार्टी में शामिल होंगे। उनसे इस मुद्दे पर सवाल पूछने पर उन्होंने कहा है कि, “मैंने अभी इस विषय पर विचार नहीं किया है। मैं भाजपा में अभी तक इस विषय के संबंध में किसी से नहीं मिला हूं। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहूंगा कि अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ है। मैं किसी पार्टी में शामिल भी नहीं भी हो सकता हूं।”

अश्वनी कुमार के पार्टी छोड़ जाने पर कांग्रेस के नेताओं ने भी दुःख जताया है. लुधियाना में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, कांग्रेस के नेता मनीष तिवारी ने कहा, “जब भी कोई नेता कांग्रेस पार्टी छोड़ता है, तो यह हमारे लिए नुकसान होता है। कल कांग्रेस छोड़ने वाले अश्विनी कुमार पंजाब कांग्रेस के राज्यसभा सांसद थे। यह हमारे लिए एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय है। के लिए महत्वाकांक्षा राज्यसभा की सीट से लोग बहुत कुछ करते हैं।”

अश्वनी कुमार के पार्टी छोड़ जाने के मुद्दे पर बयान देते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने भी दुःख जताया है,उन्होंने कहा कि, ‘यह बहुत चिंता की बात है कि नेता के बाद नेता पार्टी छोड़ रहे हैं। अश्वनी कुमार, मुझे लगता है, चौथे या पांचवें पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं, जो देश भर में विभिन्न स्तरों पर बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं के अलावा चले गए हैं।

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इसके साथ ही कांग्रेस द्वारा शुरू किये गए लड़कियों के लिए कैंपेन “लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ” की पोस्टर गर्ल डॉक्टर प्रियंका मौर्या ने भी कांग्रेस पर आरोप लगाए थे कि कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा के वादे के अनुसार वह उन्हें इस कैंपेन के बदले पार्टी का टिकट देने वाली थी लेकिन कांग्रेस अपने वादे से मुकर गयी।

प्रियंका मौर्या ने कहा कि कांग्रेस ने उनका इस्तेमाल किया है और काम हो जाने पर अपने वादे से पीछे हट गयी। प्रियंका ने इस मामले का सबूत देते हुए ट्वीट भी किया था जिस में उन्होंने लिखा था कि, ”तापमान कितना भी गिर जाए लेकिन इन कांग्रेस के दलालों से ज्यादा नहीं गिर सकता कोई। लोगो को सबूत चाहिए था टिकट वितरण घोटाले का। ये लीजिए पेश है आपके सामने कांग्रेस की गोपनीय रिपोर्ट सरोजनी विधानसभा की जय कांग्रेस।”

देश में 5 राज्यों में हो रहे इस विधान सभा चुनाव के पहले नेताओं का यूँ कांग्रेस से एक के बाद एक निकल कर जान पार्टी के लिए काफी घातक साबित हो सकता है और इस नतीजा कांग्रेस के लिए हार भी हो सकती है।