Union territories: भारत में एक और केंद्र शासित प्रदेश के गठन की सुगबुगाहट तेज हो गई है, ऐसा बताया जा रहा है की जल्द ही देश में 9वें केंद्र शासित प्रदेश की नीव पड़ने जा रही है। अभी तक इससे जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी साझा नही की गई है, लेकिन सूत्र ये बता रहे हैं की नए गठित होने वाले केंद्र शासित प्रदेश में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ जिले शामिल होंगे।

देश के कुछ और हिस्से जल्द ही केंद्र सरकार की निगरानी में होंगे या फिर कहें की अब यहां केंद्र सरकार का राज होगा और उप राज्यपाल यहां के मुखिया होंगे। मुख्यतः बंगाल, बिहार और झारखंड के कुछ जिलों को मिलाकर एक नए केंद्र शासित प्रदेश का निर्माण होगा। जिसके पीछे इन इलाकों में तेजी से बदलते समीकरणों को माना जा रहा है। ऐसा बताया बताया जाता है की अगर कोई क्षेत्र केंद्र सरकार के अधीन होता है तो, वहां होने वाली सभी गतिविधियों को केंद्र सरकार ही देखती है, यहां न तो कोई राज्य कुछ कर सकता है और न ही कोई नेता।

जिलों के नाम: सूत्रों ने हमे कुछ जिलों के नाम बताए हैं जो इस नए केंद्र शासित प्रदेश में शामिल हो सकते हैं, इनके नाम कुछ इस प्रकार हैं – पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, दार्जलिंग, कलिंपोंग, झाड़ग्राम, उत्तर दिनाजपुर और अली पुरद्वार।

अभी फिलहाल भारत में कुल 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं, जिनमें जम्मू कश्मीर और लद्दाख सबसे नए हैं। इसके अलावा चंडीगढ़, दिल्ली, दमन दीव, लक्षद्वीप, पोंडीचेरी, अंडमान निकोबार और दादर नगर हवेली इन राज्यों में न तो किसी की सरकार होती है और न ही किसी का अधिकार। यहां उप राज्यपाल ही मुखिया होता है और उसके ही लिए फैसले सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं।

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मुख्य कारण: अगर किसी क्षेत्र का गठन केंद्र शासित प्रदेश के रूप में किया जाता है तो ये सोचने वाली बात होती है, क्योंकि ऐसे फैसले बिना किसी ठोस कारण के नहीं लिए जाते हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी बात ये मानी जाती है की, उन इलाकों में जो स्थानीय समीकरण हैं वो काफी तेजी से बदलते हैं। जिनको सम्हालने के लिए केंद्र सरकार ऐसा कदम उठाती है।

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