Delhi: देश में जुर्म थमने का नाम नहीं ले रहा वहीं अगर बलात्कार जैसे दुष्कर्म की बात करें तो देश की राजधानी दिल्ली ऐसे मामलों में कभी पीछे नहीं हटती। ऐसी ही कुछ वारदात एक बार फिर से राजधानी से सामने आई है जहां एक 87 वर्ष की महिला के साथ बलात्कार जैसे संगीन जुर्म को अंजाम दिया गया है। यह बात सुनने में ही कितनी दिल दहला देने वाली लगती है कि एक 87 साल की बुज़ुर्ग महिला के साथ ऐसा दुष्कर्म किया गया है। यह घटना असल में घटित तो कुछ दिनों पहले ही हो गयी थी लेकिन इसके बारे में लोगों को खबर काफी बाद में हुई थी।


यह घटना 13 फरवरी को दिल्ली के तिलक नगर (Tilak Nagar) के एक घर में घटी थी। इस घर में एक 87 वर्ष की महिला अपनी 65 वर्षीय बेटी के साथ रहती थी। वह महिला काफी समय से बेडरेस्ट पर थी। पुलिस ने बताया है कि 13 फरवरी की शाम को उन्हें एक फोन कॉल आई जिसमें बताया गया कि जब 65 वर्षीय महिला पार्क में टहलने गई थी तभी एक आदमी गैस चूल्हा ठीक करने के बहाने से घर में घुस गया है और महिला का फोन लेकर फरार हो गया है।

इस बात को सुनते ही पुलिस मौके पर वहां पहुंची और इस मामले की एफआईआर दर्ज की। अगले दिन एक बार फिर से इस मामले की शिकायत दर्ज करवाई गई जिसमें सेक्सुअल असॉल्ट के भी आरोप लगाए गए। 

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इस मामले की पूरी जांच पड़ताल करने के लिए पुलिस डॉक्टरों की टीम के साथा महिला के घर पहुंची और यह जानकर सब हैरान हो गए की एक 87 वर्षीय महिला के साथ बलात्कार हुआ है। पुलिस ने इलाके के लग भग 57 cctv कैमरों को देखने और खंघालने के बाद आरोपी का पता लगाया है। इस आरोपी के पकडे जाने से पहले पुलिस ने कई लोगों का बयान लिया जिनपर उन्हें शक था और इस लम्बी पूछ ताछ और जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने आखिर कार आरोपी का पता लगा ही लिया।

सीसीटीवी फुटेज को खंगालने के बाद पुलिस ने इस आरोपी की पहचान की जिससे पता लगा की यह कोई और नहीं बल्कि मोहल्ले में सफाई का काम करने वाला 30 वर्षीय स्वीपर (Sweeper) था। जानकारी के अनुसार यह 30 वर्षीय पुरुष तिलक नगर के साथ साथ ही आस पास के भी कई मोहल्लों में सफाई का काम किया करता था। पुलिस ने 16 घंटे के अंदर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ अभी भी ज़ारी है। 

87 वर्ष की महिला जो की किसी की माँ हो सकती है उसके साथ ऐसा दुष्कर्म करना किसी हैवानियत से काम नहीं है। देश में एक के बाद एक ऐसे हैवानियत के नतीजे देखने को मिलते हैं जिनका शिकार होती हैं देश की मासूम बच्चियां और कभी कभी तो ऐसी बुज़ुर्ग महिलाएं भी। इस दरिंदगी की कोई सीमा तो दिख ही नहीं रही। मानो यह जुर्म दिन प्रतिदिन बस बढे ही जा रहा है। इसके पहले भी देश की राजधानी में ऐसी कई वारदातें सामने आयी हैं जिस ने सबका दिल दहला दिया है।

इसके पहले भी बेटियों, माताओं और बहनों के साथ दरिंदगी के किस्से सामने आये हैं। लोग इस मुद्दे पर करते हैं तो केवल कैंडल मार्च और धरना प्रदर्शन, इसके अलावा लोगों को न कोई रास्ता दिखता है और न ही कोई सुझाव। सरकार भी केवल खोखली बातें और झूठे वादे करती है, जिन के इंतज़ार में ऐसी कई और वारदातें घट जाती हैं। कोई नहीं जानता की देश की मासूम महिलाएं कब तक ऐसे दुष्कर्मों का शिकार होती रहेंगी और लोग इस पर कब तक मौन रहेंगे।