MP: भारत एक ऐसा देश है जहां पर हर तरह की पूजा की जाती है चाहे फिर वह पूजा वर्ल्ड कप (World Cup) में इंडियन टीम के जीत के लिए हो रही हो या फिर वेलेंटाइन डे (Valentine’s Day) पर प्रेमियों को तोड़ने की। ऐसी ही कुछ पूजा मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शिवसेना (Shivsena) के कर्मचारियों ने भी की है। वेलेंटाइन की तैयारी हर साल प्रेमी जोड़ों के साथ साथ ही बजरंग दल और शिवसेना जैसे अन्य कई दल भी करने में लग जाते हैं।

आपको बता दें कि सोमवार 14 फरवरी की तैयारी में शिवसेना ने अपने लाठी और डंडों की पूजा कर ली है। उन्होंने कालिका शक्ति पीठ मंदिर में अपने लाठी डंडों की पूजा की और प्रेमी जोड़ों को सबक सिखाने का निश्चय क्या है। शिवसेना ने यह नारा भी लगाया है कि “अगर दिखे करते बाबू शोना, तो तोड़ेंगे शरीर का हर कोना कोना”।

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शिवसेना के कर्मचारियों ने यह प्रण लिया है कि अगर उन्हें कोई भी प्रेमी जोड़ा किसी भी पार्क या किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर बाबू या सोना करते हुए दिख गए तो वह उन्हें बेहाल कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर उन्हें कोई जोड़ा प्रेम जताते हुए दिखा तो वह उसकी उसी वक्त शादी कराएंगे और ढोल बाजे के साथ उनकी बारात निकालेंगे। शिवसेना का कहना है कि वेलेंटाइन डे जैसी प्रथाएं भारत की संस्कृति को खराब कर रहीं हैं और वह ऐसा बिलकुल भी नहीं होने देंगे।

इसके साथ ही शिवसेना कर्मचारियों ने सभी रेस्टोरेंट, क्लब, पब और होटलों को भी यह चेतावनी दी है कि वह वेलेंटाइन डे के अवसर पर किसी भी तरह की कोई तैयारी या पार्टी का आयोजन न करें।

क्यों मनाते हैं वैलेंटाइन डे?

वैलेंटाइन डे दिन का नाम एक प्रसिद्ध संत से मिला है, लेकिन वह कौन था इसकी कई कहानियां हैं। सेंट वैलेंटाइन के बारे में लोकप्रिय मान्यता यह है कि वह तीसरी शताब्दी ईस्वी में रोम के एक पुजारी थे। सम्राट क्लॉडियस द्वितीय (Emperor Claudius II) ने शादी पर प्रतिबंध लगा दिया था क्योंकि उन्हें लगता था कि विवाहित पुरुष बुरे सैनिक हैं। वेलेंटाइन को लगा कि यह अनुचित है, इसलिए उसने नियम तोड़े और गुप्त रूप से विवाह की व्यवस्था की। जब क्लॉडियस को पता चला, तो वेलेंटाइन को जेल में डाल दिया गया और मौत की सजा सुनाई गई।

वहां, उसे जेलर की बेटी से प्यार हो गया और जब उसे 14 फरवरी को मारने के लिए ले जाया गया तो उसने उसे “आपके वेलेंटाइन” (Your Valentine) हस्ताक्षरित एक प्रेम पत्र भेजा। दूसरों का मानना ​​है कि सेंट वेलेंटाइन डे को वास्तव में पोप गेलैसियस I (Pope Gelasius I) द्वारा प्राचीन रोमन त्योहार लुपरकेलिया (Lupercalia) को बदलने के लिए नामित किया गया था, जो कृषि के रोमन देवता, फॉनस (Faunas) और रोमन संस्थापक रोमुलस (Romulus) और रेमुस (Remus) को समर्पित प्रजनन क्षमता का उत्सव है।

इसके तुरंत बाद, लोगों ने वेलेंटाइन डे मनाने के लिए प्रेम पत्रों को लिखना और उनका आदान-प्रदान करना शुरू कर दिया, और 1910 के दशक की शुरुआत में, एक अमेरिकी कंपनी जो एक दिन हॉलमार्क बन जाएगी, ने अपने अधिक आधिकारिक “वेलेंटाइन डे कार्ड” वितरित करना शुरू कर दिया। फूल, कैंडी, गहने, और बहुत कुछ, और बाकी, निश्चित रूप से, इतिहास है।

हालांकि वैलेंटाइन डे की कहानी कुछ भी हो लेकिन भारत में बजरंग दाल और शिवसेना जैसे दलों के लिए भारत में ऐसे त्योहारों क माने जाना भारत की संस्कृति और परंपरा का पतन है और यह दाल ऐसे त्योहारों की कड़ी निंदा करते हैं। हर साल यह दाल बस इसी तैयारी में जुट जाते हैं की अगर कोई उन्हें यह त्यौहार मनाते हुए दिखे तो वह उन्हें सबक सिखाएं ताकि आगे से वह ऐसा कोई काम न करें जो भारत की परंपरा के खिलाफ जा रहे हैं।