काव्य भट्ट, नई दिल्ली: School Reopening: दिल्ली के डिप्टी चीफ मिनिस्टर मनीष सिसोदिया (Deputy Chief Minister Manish Sisodia) ने कहा की स्कूल बंद होने से ने केवल पढ़ाई प्रभावित हुई है, बल्कि बच्चो के मानसिक स्वास्थ पर भी असर पड़ा है।

दिल्ली सरकार ने कहा की दिल्ली के सारे स्कूल खोले जाए और यह प्रस्तक वह DDMA के सामने रखेंगे। सिसोदिया ने कहा कि कब तक हम बच्चो के भविष्य के साथ खेलते रहेंगे। हम DDMA की मीटिंग में यही प्रस्ताव रखेंगे की जल्द से जल्द दिल्ली के सारे स्कूल खोले जाए।

ऑनलाइन शिक्षा कभी भी ऑफलाइन शिक्षा की जगह नहीं ले सकती है,सिसोदिया ने कहा की स्कूल बंद थे जब स्कूल जाना बच्चो के लिए सही नही था पर अब यह बच्चो की मानसिक स्वास्थ को असर कर रहा है।

यह भी पढ़ें: COVID-19: दिल्ली में हटा वीकेंड कर्फ्यू, 50% क्षमता के साथ खुलेंगे रेस्टोरेंट और सिनेमाघर

DDMA ने आज एक मीटिंग आयोजित की है जहा यह तय होगा की दिल्ली के लोगो को कहा और कितनी राहत मिलेगी Covid-19 से। स्कूलों को फिर से खोले का एजेंडा भी इस मीटिंग में शामिल है।

इन दो वर्षो में बच्चो का जीवन उनके कमरे तक ही सीमित होगया है। स्कूलों में जाने और खेल के मैदानों में समय बिताने के बजाय वह अपना पूरा समय मोबाइल फोन के सामने काटते है,सिसोदिया ने कहा।

सिसोदिया जो दिल्ली के इडिएक्शन मिनिस्टर भी है, उन्होंने कहा की कई देशों में स्कूल खोले जा रहे है और यह तक की कई भारतीय राज्यों में भी।

Covid-19 के केसेज भी अब दिल्ली में काफी हद तक कंट्रोल में है। तो हम स्कूल क्यों ना खोले।जब बच्चे स्कूल वापस आयेंगे तो बच्चो का जीवन फिर से सही दिशा में चलने लगेगा।

यह भी पढ़ें: Delhi University: 17 फरवरी से खुलेंगे दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी कॉलेज 

स्कूल बंद होने के कुछ फायदे है,लेकिन बच्चो के सीखने और मानसिक स्वास्थ को भी हमे नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। इस वजह से ही स्कूलों को खोलना बहुत जरूरी है।

दिल्ली के स्कूल फिर से 28 दिसंबर को बंद कर दिएगाई थे क्युकी Covid के साथ Omicron का भी आगमन होगया था। अब यह देखना बाकी है की क्या DDMA दिल्ली सरकार के फैसले को मंजूरी देगी है या नही। अगर स्कूल खुलते है तो कब और किस टाइम पे खुलेंगे,यह अभी देखना बाकी है।

यह भी पढ़ें: Delhi: 87 वर्षीय महिला के साथ सफाईकर्मी ने किया बलात्कार…