नई दिल्ली: UP: 2022 के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल कर भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) ने एक बार फिर से उत्तर प्रदेश के सियासी मैदान में अपना दबदबा बना लिया है। भाजपा (BJP) को उत्तर प्रदेश के चुनावों में ऐतिहासिक जीत हासिल हुई है। भाजपा सरकार ने इस बार जाति समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अपना निशाना कसा है। आपको बता दें कि इस बार योगी सरकार में केवल एक मुस्लिम मंत्री बनाए गए हैं। यह मंत्री हैं दानिश आजाद अंसारी

Danish Ansari

दानिश आजाद अंसारी (Danish Azad Ansari) ने शुक्रवार को राज्य मंत्री (State Minister) के रूप में शपथ ली, यहां तक ​​कि मोहसिन रजा (Mohsin Raza), जो पिछले योगी सरकार में एकमात्र मुस्लिम चेहरा थे और भारतीय जनता पार्टी पर अपने विचारों को मजबूती से रखने के लिए जाने जाते थे, को भी मंत्रियों की सूची से इस बार हटा दिया गया है।

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Mohsin Raza

दानिश ने बताया कि सुबह उन्हें जब मुख्यमंत्री आवास से फोन आया तो वह बिलकुल हैरान रह गए क्योंकि योगी सरकार ने उन्हें मंत्री बनने का मौका देने की बात की थी।

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आपको बता दें कि इससे पहले दानिश भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा (BJP Minority Morcha) के महासचिव (General Secretary) भी रह चुके हैं। 2017 में, उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार की उर्दू भाषा समिति (Urdu Language Committee) का सदस्य बनाया गया था।

इसके अलावा दानिश ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से की थी। दानिश बलिया जिले (Balia District) के रहने वाले हैं और इनका लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) से भी काफी गहरा नाता रह चुका है। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से ही राजनीति का अध्ययन किया है और इसके बारे में गहरी जानकारी हासिल की है।

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Lucknow University

लखनऊ विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान ही दानिश का रिश्ता एबीवीपी के साथ जुड़ा। वह वर्ष 2011 में एबीवीपी से जुड़ गए और छात्र संगठन में कई प्रमुख पदों पर काम किया। लखनऊ विश्वविद्यालय में रहने के ही दौरान, दानिश ने बीकॉम (Bachelor Of Commerce) और एमए (Master Of Arts) की डिग्री प्राप्त की और 2015-16 में लोक प्रशासन की अपनी पढ़ाई भी पूरी की। 2017 में राज्य की उर्दू भाषा समिति के सदस्य बनने के बाद, वह यूपी में भाजपा की अल्पसंख्यक शाखा के राज्य महासचिव बने।

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