शामभवी शाही, नई दिल्ली: UP: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल रात कानून-व्यवस्था से संबंधित एक समीक्षा बैठक की, इस बैठक में हाल ही में हुए दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में दंगे फसादों को देखते हुए कई दिशा-निर्देश जारी किए गए।

सरकार ने इस दिशा निर्देश का कारण यह बताया किअगले महीने में ईदआने वाली है और इस बात की भी पूरी संभावना है की अक्षय तृतीया भी उसी तारीख को पड़ सकती है।

ये भी पढ़ें: Delhi: कोरोना के एक भी मामले पाए जाने पर सभी स्कूल होंगे बंद

इस बयान में सरकार ने यह भी कहा है कि उचित कारण के बिना किसी को भी किसी भी प्रकार के धार्मिक जुलूस या मार्च की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ साथ ही बयान में यह भी कहा गया है कि सभी आयोजकों को अनुमति दिए जाने से पहले शांति और सद्भाव बनाए रखने का वादा करते हुए एक हलफनामा जमा करना होगा। केवल उन धार्मिक पारंपरिक उत्सवों की अनुमति दी जाएगी और नए कार्यक्रमों की अनुमति नहीं दी जाएगी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से यह जानकारी सांझा की गई है। इस ट्वीट में लिखा गया है कि “कोई शोभायात्रा/धार्मिक जुलूस बिना विधिवत अनुमति के न निकाली जाए। अनुमति केवल उन्हीं धार्मिक जुलूसों को दिया जाए जो पारंपरिक हों, नए आयोजनों को अनावश्यक अनुमति न दी जाए।”

सरकार द्वारा बयान में कहा गया है कि किसी भी नए स्थान पर माइक्रोफोन के लिए कोई अनुमति नहीं दी जाएगी और जो लोग पहले से ही लाउडस्पीकर का प्रयोग कर रहे हैं उन्हें पहले यह बात सुनिश्चित करनी होगी की अधिक आवाज़ के वजह से किसी भी सामान्य नागरिक को परेशानी का सामना न करना पड़े। धार्मिक कार्यक्रम केवल निर्दिष्ट स्थानों और सड़क मार्गों पर ही हो सकते हैं और इसके कारण यातायात पर कोई भी असर नहीं पड़ना चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस थाने से लेकर अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) स्तर तक के अधिकारियों को आगामी 24 घंटों के भीतर धार्मिक नेताओं और प्रतिष्ठित हस्तियों के साथ संवाद करने का निर्देश दे दिया है ताकि आगामी त्योहारों के दौरान शांति सुनिश्चित की जा सके और इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि धार्मिक स्थलों पर माइक का इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन नए माइकों को लगाने की दोबारा से कोई भी अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

ये भी पढ़ें: Easy Kulfi Recipes: घर पर मिनटों में बनाए ये स्पेशल कुल्फी…