नई दिल्ली: Brihaspati Puja: हिंदू परिवारों में बचपन से हम सबको घरवालों ने एक न एक बार तो जरूर बृहस्पतिवार को बाल धोने, नाखून काटने या बाल काटने के लिए ज़रूर ही मना किया होगा और यह बात सुनकर स्वाभाविक तौर पर सबके मन में एक जिज्ञासा भी जागी ही होगी यह जानने की की आखिर ऐसा क्यों? तो आज हम आपकी इस जिज्ञासा को शांत करने जा रहे हैं यह बताकर कि आखिर क्यों बृहस्पतिवार को बाल धुलना गलत होता है।

हिंदु मान्यताओं के अनुसार बृहस्पतिवार का दिन भगवान बृहस्पति होता है जिन्हें गुरु के नाम से भी जाना जाता है। बहुत से लोगों का कहना है कि बृहस्पतिवार को बाल धुलने, नाखून काटने या बाल काटने जैसी प्रक्रिया करने भगवान बृहस्पति की कृपा उठ जाती है और परिवार से धन, यश और वैभव चला जाता है। कुछ लोग यह भी कहते हैं कि औरतों को गुरुवार के दिन बाल इसलिए नहीं धोना चाहिए क्योंकि बृहस्पति भगवान पति की छवि को दर्शाते हैं और बृहस्पतिवार के दिन बाल धुलने से पति और बच्चों को दुर्भाग्य नसीब होगा।

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बृहस्पतिवार को क्या और क्यों नहीं करें:

•कपड़े धुलना


बाल काटने और धोने जैसी क्रियाओं के साथ साथ ही बृहस्पतिवार को कपड़े धुलने जैसी क्रिया भी निषेध है। कहा जाता है कि बृहस्पतिवार को कपड़े भी नहीं धुलने चाहिए इसके पीछे का कारण तो स्पष्ट नहीं है लेकिन कई लोग यह करने से बचते हैं।

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•देवी लक्ष्मी की अकेले पूजा करना


भगवान विष्णु ब्रह्मांड के कर्ता धर्ता हैं और उनकी पत्नी देवी लक्ष्मी धन, यश और वैभव का भंडार। ऐसे में बृहस्पतिवार को केवल मां लक्ष्मी की पूजा न कर दोनों पति-पत्नी अर्थात लक्ष्मी-नारायण की पूजा करनी चाहिए जिस से उनकी असीम कृपा परिवार पर बनी रहे।

अंततः यह सारी बातों का केवल एक ही निष्कर्ष है कि दुनिया में हर एक चीज़ और हर एक बात का अस्तित्व केवल आपके विश्वास से जुड़ा होता है। अगर आपका इन बातों पर विश्वास है तो यह आपका सच है और अगर नहीं, तो केवल झूठी बेबुनियाद ढकोसली बातें।

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