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भारत में तेल (crude oil price) की कीमतें आसमान छू रही हैं, हालांकि ये पहले के मुकाबले कुछ कम हैं। इस कमी

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को और भी कम किया जा सकता है अगर तेल कंपनियां अपना खजाना भरना छोड़ दें, क्योंकि

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सभी को पता है की ये कंपनियां बेहद ही सस्ती कीमत पर तेल खरीद रहीं हैं लेकिन बाजार तक

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आते-आते इनकी कीमतें बढ़ जाती हैं। अभी की स्थिति देखें तो पता चलता है की, अंतरराष्ट्रीय

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बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 92 डॉलर प्रति बैरल के आस पास बनी हुई हैं। ये पिछले कुछ समय में

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सबसे कम है, जानकर ये बता रहे हैं की अभी फिलहाल ये कमी जारी रहेगी। लेकिन सवाल ये है की

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जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता है तो फिर हमारे देश में ये इतना महंगा क्यों बिक रहा है। जब यही सवाल एक मंत्री से

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पूछा गया तो उन्होंने बताया की, जिस वक्त कच्चे तेल की कीमतें काफी उपर थीं उस वक्त सरकार और तेल कंपनियों

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ने इसे सस्ता बनाए रखने के लिए काफी नुकसान सहा था और अब उसी नुकसान की भरपाई कर रहे हैं।

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अभी देश में एक लीटर डीजल की कीमत 89.52 रुपए है, वहीं पेट्रोल 96.27 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है।