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भारत में नए राष्ट्रपति को चुनने के लिए, कल देशभर के सभी सांसदों और विधायकों ने अपने-अपने वोट डाले,

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वर्त्तमान राष्ट्पति महामहिम रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 25 जुलाई को समाप्त हो रहा है, इसी दिन वो अपने सेवा से मुक्त हो जाएंगे,

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श्री रामनाथ कोविंद का पांच वर्षों का कार्यकाल बहुत अच्छा चला, उनके मार्गदर्शन में भारत ने कई कीर्तिमान रचे, और समूचे विश्व में अपना

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मान बढ़ाया। इस बार नए राष्ट्पति के पद की मुख्य दावेदार, द्रौपदी मुर्मू को माना जा रहा है, इन्हे मौजूदा भाजपा सरकार ने अपने

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प्रत्याशी के रूप में उतारा है और इनकी जीत तय मानी जा रही है, इनके विपक्ष में कांग्रेस के यशवंत सिन्हा हैं, जिन्हे अपने ही कुछ साथी दलों का समर्थन

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नहीं मिल रहा है, उनके गुट में पहले दिन से ही फूट देखने को मिल रही है। बात करें द्रौपदी मुर्मू की तो ये ओडिशा के आदिवासी समाज से आती हैं

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इन्हे आदिवासी समाज का बहुत बड़ा नेता माना जाता है, इनका जन्म 20 जून 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले के बैदापोशी नामक गांव हुआ।

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इनके पिता उसी गांव के सरपंच थे। द्रौपदी मुर्मू की शादी चरण मुर्मू से हुई थी और इनके दो बेटे, दोनों का निधन हो गया और एक बेटी हैं, जो उनके साथ

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रहती हैं। मुर्मू के राजनितिक सफर की बात करें तो ये, झारखण्ड की राज्यपाल के रूप में भी काम कर चुकीं हैं, मुर्मू झारखण्ड की प्रथम महिला राज्यपाल थीं।

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इनको विधायक रहते हुए, उत्कृष्ट कार्य के लिए नीलकंठ पुरष्कार से भी सम्मानित किया गया। द्रौपदी मुर्मू को 15वें राष्ट्रपति पद का पूर्ण दावेदार माना जा रहा है।